Russia's onslaught on Kyiv; the world shaken by 16 deaths! India faces another diplomatic test over the Ukraine crisis.

कीव पर रूस का कहर, 16 मौतों से दुनिया दहली! यूक्रेन संकट पर भारत के सामने फिर कूटनीतिक परीक्षा

यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस के बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले ने युद्ध की भयावहता फिर सामने ला दी है। 20 अगस्त की रात और उसके बाद हुए हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। हमले में आवासीय इलाकों के साथ स्कूल और बच्चों के चिकित्सा केंद्र को भी नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक रूस ने मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। यूक्रेन ने कई क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों से निपटने में एयर डिफेंस की कमी सामने आई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की मांग की है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की स्थिति शुरू से ही अलग रही है। भारत ने युद्ध को समाप्त करने और बातचीत तथा कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। नई दिल्ली ने रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक संबंध बनाए रखते हुए पश्चिमी देशों के दबाव के बीच स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दिया है। भारत ने रूस से तेल खरीद और यूक्रेन संकट पर अपने फैसलों को अपने राष्ट्रीय हितों से जोड़कर देखा है।

कीव पर ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब युद्ध खत्म कराने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के बावजूद जमीनी स्तर पर हिंसा जारी है। रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से हमले जारी रहने के कारण शांति प्रक्रिया पर दबाव बना हुआ है।

भारत के लिए यह संकट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस के साथ उसके रक्षा और ऊर्जा संबंध हैं, जबकि यूरोप और अमेरिका के साथ भी भारत के रणनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में यूक्रेन युद्ध भारत की संतुलित विदेश नीति के सामने लगातार चुनौती बना हुआ है।

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