गाजा में तबाही पर भारत की दो टूक! इजरायल की कार्रवाई के बीच नई दिल्ली ने फिर उठाई दो-राष्ट्र समाधान की आवाज

गाजा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट के बीच भारत ने फिलिस्तीन को लेकर अपनी पुरानी नीति दोहराई है। भारत ने एक बार फिर बातचीत के जरिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया है और गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वार्सेन अघाबेकियन शाहीन से मुलाकात के दौरान भारत की स्थिति दोहराई।
भारत का रुख ऐसे समय सामने आया है जब गाजा में संघर्ष रोकने की कोशिशों के बीच हालिया इजरायली हमलों ने मध्यस्थता प्रयासों को झटका दिया है। तुर्की, मिस्र और कतर, जो संघर्ष समाप्त कराने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं, ने हालिया इजरायली हमलों की आलोचना की है और कहा है कि इन कार्रवाइयों से संघर्ष समाप्त करने की कोशिशें प्रभावित हो रही हैं।
भारत पहले भी गाजा में नागरिकों की मौत और मानवीय संकट को लेकर चिंता जता चुका है। भारतीय पक्ष ने संघर्ष के समाधान, मानवीय सहायता और स्थायी राजनीतिक समाधान पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत फिलिस्तीन के मुद्दे पर बातचीत के जरिए दो-राष्ट्र समाधान को समर्थन देता है।
भारत के सामने इस मामले में कूटनीतिक संतुलन की चुनौती भी है। एक तरफ इजरायल के साथ भारत के रणनीतिक संबंध हैं, वहीं दूसरी ओर फिलिस्तीन को लेकर भारत लंबे समय से दो-राष्ट्र समाधान और मानवीय सहायता की वकालत करता रहा है।
गाजा में लगातार बिगड़ते हालात ने पश्चिम एशिया की राजनीति को और जटिल बना दिया है। भारत की ताजा स्थिति यह संकेत देती है कि नई दिल्ली संघर्ष के बीच राजनीतिक समाधान और मानवीय राहत को प्राथमिकता देने की अपनी नीति पर कायम है।
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