Crackdown on poaching in Indravati Tiger Reserve; 6 accused arrested; meat and hunting equipment seized.

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शिकार पर शिकंजा, 6 आरोपी गिरफ्तार; मांस और शिकार सामग्री बरामद

इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान वन्यप्राणी का मांस, संभावित रूप से नीलगाय का मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई।

मुखबिर की सूचना पर नीतिकाकलेर में दबिश

वन विभाग को मुखबिर से ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में वन्यजीव शिकार की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत टीम ने 19 अगस्त 2026 को कार्रवाई की। मौके से 6 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

बारिश और दुर्गम इलाकों में भी गश्त जारी

वन विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई मजबूत सूचना तंत्र, अधिकारियों के मार्गदर्शन और मैदानी अमले की लगातार निगरानी का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश, नदी-नालों में बढ़े जलस्तर और कठिन आवागमन के बावजूद वन विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर रही हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन अपराध और अवैध शिकार पर नियंत्रण के लिए सूचना तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही मैदानी अमले को सक्रिय रखा गया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

ग्रामीणों से सहयोग की अपील

वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी वन विभाग कार्यालय को दें। विभाग के अनुसार वन्यजीव संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और स्थानीय लोगों की भागीदारी से वन संरक्षण अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस कार्रवाई में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अधीक्षक, फरसेगढ़ और पासेवाड़ा के परिक्षेत्र अधिकारी, सेण्ड्रा, कुटरू बफर, कुटरू कोर और मद्देड़ बफर सहित इंद्रावती टाइगर रिजर्व का मैदानी अमला सक्रिय रूप से शामिल रहा।

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4rtheye web Desk
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