अमेरिका से दूरी, रूस से नजदीकी! भारत ने मॉस्को में ऐसा दांव चला कि पश्चिम की नजरें टिक गईं

भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने कहा है कि भारत और रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत उन्नत चरण में पहुंच गई है। यह बयान विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा के दौरान सामने आया।
जयशंकर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। जयशंकर ने पुतिन को बताया कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग में काफी वृद्धि हुई है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी कहा कि इस वर्ष भारत और रूस के बीच व्यापार बढ़ रहा है। उन्होंने ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और उन्नत तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की बात कही।
अब भारत और रूस के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत आगे बढ़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन में रूस के साथ आर्मेनिया, बेलारूस, कजाखस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।
भारत-रूस रिश्ते ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो रहे हैं जब वैश्विक स्तर पर रूस को लेकर पश्चिमी देशों का दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद नई दिल्ली और मॉस्को के बीच आर्थिक और रणनीतिक संपर्क जारी है।
भारत अपनी विदेश नीति में अलग-अलग देशों के साथ संबंधों को अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर आगे बढ़ा रहा है। मॉस्को में हुई हालिया बातचीत ने इसी नीति को एक बार फिर सामने रखा है।
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