ग्रामीण महिलाओं के हुनर को मिला सहारा, स्वसहायता समूह से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही ज्योति

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों का असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। ग्राम मुसवाडीही की ज्योति साहू भी इसी बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई हैं। साहेब बंदगी स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद ज्योति अपने हुनर को पहचानते हुए आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
ज्योति के मुताबिक, स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नई चीजें सीखने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। समूह की दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर काम करने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती में भी योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
ज्योति ने कहा कि सरकार की योजनाओं और प्रोत्साहन से ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। स्वसहायता समूह उनके लिए केवल महिलाओं का संगठन नहीं, बल्कि सीखने, एक-दूसरे का सहयोग करने और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन गया है।
उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ी महिलाएं मिलकर अपने कौशल को नई पहचान देने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़े होने का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
ज्योति ने महिलाओं को अवसर और प्रोत्साहन देने वाली पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि जब महिलाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलता है, तो वे न केवल खुद आगे बढ़ती हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ग्रामीण अंचल की ज्योति साहू जैसी महिलाएं यह संदेश दे रही हैं कि हुनर, मेहनत और सामूहिक प्रयास के जरिए आत्मनिर्भरता की राह आसान हो सकती है। स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अब आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर अपने लिए नई संभावनाएं तलाश रही हैं।




