चीन के साथ सीमा पर फिर बड़ा दांव! भारत ने साफ किया- शांति नहीं तो रिश्ते भी नहीं

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत के बाद दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बीजिंग में हुई बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के समाधान के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
भारत और चीन के बीच हिमालय में करीब 3,800 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा है। दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित किया है।
25 अगस्त को वरिष्ठ राजनयिकों के बीच हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के लिए निष्पक्ष, उचित और दोनों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने की बात कही। इसके बाद 26 अगस्त को चीन और भारत ने सीमा क्षेत्रों में शांति तथा संवाद के चैनलों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। 12 अगस्त को भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि विवादित सीमा पर शांति दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण है। यह बयान ऐसे समय आया था जब हिमालयी क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव की खबरें सामने आई थीं।
अब दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर है। हालांकि सीमा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और वास्तविक समाधान के लिए लंबी बातचीत की जरूरत होगी।
भारत की स्थिति स्पष्ट है कि सीमा पर स्थायी शांति के बिना रिश्तों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी। चीन के साथ संबंधों में सीमा मुद्दा सबसे संवेदनशील विषय बना हुआ है।
ये खबर भी पढ़ें—:



