नेपाल में बाढ़ की तबाही, सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी भारत-चीन की टीमें

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सोमवार को नेपाली बचाव दलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञों ने हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान तेज किया।
नेपाल में बचाव दलों ने रातभर अभियान चलाकर उन सैकड़ों लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जो बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं।
इस अभियान में भारत और चीन के विशेषज्ञ भी नेपाली टीमों की मदद कर रहे हैं। अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है और संचार तथा सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
नेपाल में स्थिति इतनी गंभीर है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ऑल इंडिया रेडियो की सोमवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 794 तक पहुंच गया है और 2,500 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
कुछ हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालना बचाव टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारी मलबे और पानी के कारण बचाव कार्य कठिन है।
भारत और चीन के विशेषज्ञों की मौजूदगी इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का रूप दे रही है। नेपाल के लिए यह केवल राहत अभियान नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और मानवीय संकट से निपटने की परीक्षा भी है।
नेपाल की बाढ़ ने बड़े मानवीय संकट का रूप ले लिया है। अब सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
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