देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, बिहार में गंगा उफान पर, यूपी में हादसे और मध्य प्रदेश में जलप्रलय जैसे हालात

देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं लोगों की जान जा रही है, कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं नदियां खतरे के निशान को पार कर रिहायशी इलाकों में घुस गई हैं।

उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है। मंगलवार को बारिश और भूस्खलन समेत अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई। नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंचने के बाद पानी की निकासी के लिए चैनल खोलने पड़े हैं। राज्य में 172 सड़कें बंद होने से कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में आज ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

इधर बिहार में भी बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गंगा, पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना में सुबह से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, भागलपुर में कटाव की भयावह तस्वीर सामने आई, जहां करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर गंगा में समा गया।

उत्तर प्रदेश में भी बारिश ने कहर बरपाया है। सीतापुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गाजीपुर में गंगा में नहाने के दौरान दो नाबालिग बह गईं। उन्नाव में बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस मानसून में एक्सप्रेसवे धंसने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। बलिया में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश हो रही है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल जलमग्न हो गए हैं। सतना में स्थिति को देखते हुए 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। देश के कई हिस्सों में मानसून अब राहत नहीं, बल्कि आफत बनकर बरस रहा है।

ये खबर भी पढ़ें—:

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button