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जांजगीर-चांपा में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की मुहिम, विद्यार्थियों ने लिया सामाजिक कुरीति रोकने का संकल्प

Awareness campaign against child marriage in Janjgir-Champa; students pledge to put an end to this social evil.

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों व संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी और हाई स्कूल कुलीपोटा में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और इसके सामाजिक प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि कम उम्र में विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बालिका के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। तय आयु से पहले विवाह कराना या ऐसे विवाह में किसी भी तरह का सहयोग करना कानूनन दंडनीय अपराध है।

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले या किसी नाबालिग बच्चे अथवा बच्ची का विवाह कराया जा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को दी जानी चाहिए। समय पर सूचना देकर बाल विवाह को रोका जा सकता है और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा की जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं 1098 पर कॉल कर कॉल टेस्टिंग के माध्यम से हेल्पलाइन की प्रक्रिया को समझा और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी ली।

विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा बाल अधिकारों और संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प लिया।

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