छत्तीसगढ़ ने देश में बजाया डंका: जल संरक्षण अभियान में नंबर-1, टॉप-10 में राज्य के 5 जिले

छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने जल शक्ति मंत्रालय के जल संचय जन भागीदारी और ‘कैच द रेन’ अभियान के तीसरे चरण में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। सबसे खास बात यह है कि देश के टॉप-10 प्रदर्शन करने वाले जिलों में छत्तीसगढ़ के पांच जिलों ने जगह बनाई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने अभियान के तीसरे चरण में करीब 77,719 जल संरक्षण संरचनाओं का काम पूरा किया। राज्य के सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहे।
जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज को लेकर राज्य में बड़े पैमाने पर काम किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जल संरचनाओं के निर्माण के साथ सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ भी चर्चा में रहा, जिसमें किसानों को अपनी जमीन का एक हिस्सा जल संरक्षण के लिए उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, इन प्रयासों का असर भूजल की स्थिति पर भी दिखाई दे रहा है। भूजल संकट वाले ब्लॉकों की संख्या में कमी आने की बात सामने आई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश के कई हिस्से जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट की चुनौती से जूझ रहे हैं।
जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि राज्य की बड़ी राष्ट्रीय सफलता मानी जा रही है। पांच जिलों का टॉप-10 में पहुंचना बताता है कि आने वाले समय में जल सुरक्षा और भूजल संरक्षण के मॉडल के रूप में छत्तीसगढ़ की भूमिका और मजबूत हो सकती है।




