दंतेवाड़ा के सुदूर स्कूलों में पहुंचे गजेंद्र यादव, बच्चों से संवाद कर शिक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव ने दंतेवाड़ा जिले के सुदूर अंचलों में स्थित स्कूलों और आवासीय संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने कुआँकोंडा विकासखंड के माध्यमिक शाला कलारपारा (मैलावाड़ा) और कटेकल्याण विकासखंड के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय, पोटाकेबिन मोखपाल पहुंचकर बच्चों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलारपारा स्कूल में गजेंद्र यादव सुबह की प्रार्थना सभा में शामिल हुए और विद्यार्थियों के साथ पूरी प्रार्थना सुनी। उन्होंने शिक्षकों को लाउडस्पीकर के माध्यम से नियमित प्रार्थना कराने और स्कूल में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बच्चों की अंग्रेजी, अक्षर ज्ञान और वर्णमाला की जानकारी भी परखी। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए। उन्होंने पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल संसाधनों और प्रोजेक्टर का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
जब बच्चों ने कक्षा में बैठने के लिए कुर्सी-टेबल और जूते-मोजे की जरूरत बताई तो गजेंद्र यादव ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मंत्री पोटाकेबिन मोखपाल पहुंचे, जहां छात्राओं ने छिंद से बनाए गए आकर्षक गुलदस्ते से उनका स्वागत किया। करीब 490 छात्राओं वाले इस आवासीय विद्यालय में उन्होंने एआई कक्षा का निरीक्षण किया और छात्राओं से तकनीकी शिक्षा को लेकर चर्चा की। शिक्षिका को एआई के साथ एमएस वर्ड, एक्सेल और बुनियादी कंप्यूटर कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने बच्चों से पहाड़े सुने, अंग्रेजी कविता पाठ का आनंद लिया और सामान्य ज्ञान के सवाल पूछकर उनकी प्रतिभा को परखा। विद्यालय परिसर में विकसित किचन गार्डन की सराहना करते हुए उन्होंने जिले के सभी 14 पोटाकेबिन में इसे अनिवार्य रूप से विकसित करने के निर्देश दिए।
गजेंद्र यादव ने कहा कि बस्तर अंचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार, आधुनिक तकनीक और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।




