UN में गूंजेगी भारत की दहाड़! जयशंकर के मंच पर आने से पहले ही दुनिया में क्यों मच गया हड़कंप?

वैश्विक कूटनीति के शतरंज पर भारत एक ऐसा मोहरा बन चुका है, जिसके बिना दुनिया का कोई भी बड़ा फैसला होना नामुमकिन है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के महामंच पर भारत एक बार फिर महाशक्ति की तरह महाविस्फोट करने को तैयार है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें ऐतिहासिक सत्र को संबोधित करने जा रहे हैं। लेकिन असली खलबली इस बात को लेकर है कि भारत केवल भाषण देने नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े युद्ध को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका में आ चुका है। नई दिल्ली से आ रही खबरों के मुताबिक, भारत रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे महायुद्ध को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के साथ बेहद गोपनीय और ठोस शांति विकल्पों पर बातचीत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन से मुलाकात के बाद अब पूरा पश्चिम गिड़गिड़ा रहा है कि भारत ही इस तबाही को रोक सकता है। भारत ने साफ कर दिया है कि यह युद्ध तेल के व्यापार से नहीं, बल्कि सख्त कूटनीति और संवाद से खत्म होगा।
अमेरिका और यूरोपीय देश जहां युद्ध भड़काने में लगे हैं, वहीं भारत विश्वगुरु की तरह दोनों परमाणु शक्तियों को एक मेज पर लाने की ताकत दिखा रहा है। जयशंकर का यह दौरा दुनिया का नया भूगोल तय करेगा।




