अखाड़े में विरोधियों को धूल चटाने वाली बेटी दहेज के दानवों से कैसे हार गई? 100 फुट गहरी खाई और एक खौफनाक अंत!

जिस देश में बेटियों को मेडल जीतने पर सिर आंखों पर बिठाया जाता है, उसी देश के एक अंधेरे कोने से आज ऐसी खबर आई है जो सीधे दिल में खंजर उतार देती है। अखाड़े में मजबूत से मजबूत पहलवान को चित करने वाली एक नेशनल लेवल की महिला रेसलर अपनी ही जिंदगी की जंग हार गई, और वजह बना समाज का सबसे घिनौना सच—दहेज।
महाराष्ट्र के ऐतिहासिक नलदुर्ग किले की 100 फुट गहरी ‘उबली बुरुज’ से इस महिला पहलवान ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ छलांग लगा दी। इस खौफनाक घटना में महिला और उसके दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बेटी चमत्कारिक रूप से बच गई। परिवार चीख-चीख कर कह रहा है कि ससुराल वालों की दहेज की प्रताड़ना ने उसे इस दर्दनाक अंत तक पहुंचाया। जिस लड़की ने देश का नाम रोशन करने के लिए पसीना बहाया, उसे लालचियों के एक झुंड ने इस कदर तोड़ दिया कि उसे मौत ही इकलौता रास्ता नजर आई।
यह सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि हमारे समाज के माथे पर एक बदनुमा दाग है। जब तक दहेज के इन भूखे भेड़ियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में घसीट कर कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक महिला सशक्तिकरण के हर नारे खोखले ही रहेंगे।




