कानून से बड़ा कोई ‘कट्टर’ नहीं! लाइव पॉडकास्ट पर दलित का सिर फोड़ने की शेखी बघारने वाले का घमंड हुआ चकनाचूर

इंटरनेट की दुनिया में खुद को कानून से ऊपर समझने की भूल कई लोग करते हैं, लेकिन जब सिस्टम जागता है, तो बड़े-बड़ों का नशा उतर जाता है। एक कथित ‘कट्टर’ इन्फ्लुएंसर ने सोचा था कि वह कैमरे के सामने किसी का सिर फोड़ने की बात कबूल कर आसानी से बच निकलेगा, लेकिन अब वह सलाखों के पीछे अपनी हैसियत नाप रहा है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जहरीले बयान देने वाले यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में सीना ठोक कर कहा था कि उसने एक दलित एक्टिविस्ट के पिता का सिर फोड़ दिया है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका। लेकिन इस खोखले घमंड की हवा तब निकल गई जब पुलिस ने उस पर एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत शिकंजा कस दिया। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब चिराग पासवान की पार्टी और दलित संगठनों ने इसके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद इसे हिरासत में ले लिया गया। यह भारत का वह कड़ा कानून है जो किसी भी उपद्रवी को यह मुगालता नहीं पालने देगा कि वह सिस्टम से बड़ा है।
सड़क छाप गुंडागर्दी को इंटरनेट पर ‘हीरोइज्म’ बनाकर बेचने वालों के लिए यह एक सीधा और सख्त संदेश है। भारत का संविधान हर नागरिक की सुरक्षा की गारंटी देता है, और अगर किसी ने इसे चुनौती देने की हिमाकत की, तो उसका अंजाम बुरा ही होगा।



