ओवैसी का फिर भड़काऊ पैंतरा, सहारनपुर में अवैध ढांचे पर अदालती कार्रवाई को दिया धार्मिक रंग

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अदालत के सीधे आदेश के बाद ढहाए गए एक अवैध ढांचे को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर जहरीला और भड़काऊ बयान दिया है। कोर्ट के विधि-सम्मत फैसले का पालन कराने गई पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर ओवैसी ने यह कहकर तुष्टिकरण का दांव खेला कि ‘निशाना सिर्फ एक समुदाय पर ही क्यों’?
भारत एक कानून से चलने वाला संप्रभु राष्ट्र है, जहां न्यायपालिका का आदेश सर्वोपरि है। अदालत के फैसलों पर भी मजहबी चश्मा चढ़ाकर जनभावनाएं भड़काने की यह राजनीति पूरी तरह से देशद्रोही सोच का परिचायक है। अवैध निर्माण चाहे किसी भी जमीन पर हो, उस पर कानून का बुलडोजर चलेगा ही। भारत का कानून किसी धर्म या समुदाय को देखकर काम नहीं करता, और जो लोग भारत की न्याय व्यवस्था को खुली चुनौती देने का दुस्साहस कर रहे हैं, उन्हें कानून का कड़ा सबक सिखाया जाना अनिवार्य है।
भारत के संवैधानिक ढांचे और कोर्ट के फैसलों से खिलवाड़ करने वाले नेताओं को जनता पहले ही नकार चुकी है।
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