कनाडा में भारतीय छात्रों पर फिर निष्कासन की गाज, कनाडाई सरकार की नीतियों पर खड़ा हुआ बड़ा बवंडर

कनाडा सरकार द्वारा भारतीय छात्रों को एक बार फिर से बड़े पैमाने पर डिपोर्ट करने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके खिलाफ कनाडा की सड़कों पर छात्रों और मानवाधिकार संगठनों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के नियमों में अचानक बदलाव करके हजारों भारतीय युवाओं का भविष्य अधर में लटका दिया गया है।
अपनी चरमराती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए भारतीय छात्रों से अरबों डॉलर की फीस ऐंठने वाला कनाडा अब अपने वादों से मुकर रहा है। कनाडाई प्रशासन का यह दोहरा रवैया पूरी तरह से उनकी राजनीतिक लाचारी और कूटनीतिक विफलता को दर्शाता है। भारत अपने युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर कनाडा ने अपनी इस तानाशाही नीति को वापस नहीं लिया, तो भारत सरकार को कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडाई व्यवस्था की बखिया उधेड़ने में देर नहीं लगेगी।
भारतीय मेधा और युवाओं के स्वाभिमान की रक्षा करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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