क्या पूर्व CM के करीबियों को बचाने की हो रही है कोशिश? ED की ताबड़तोड़ रेड से छत्तीसगढ़ के गलियारों में मचा हड़कंप!

छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने राज्य के बड़े अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। पूर्व ओएसडी चेतन बोरघारिया, दुर्ग पटवारी संघ के पूर्व अध्यक्ष कमलेश सिंह राजपूत, और भिलाई में पूर्व सीएम के करीबी के के चंद्रवंशी के ठिकानों पर 10-10 घंटे तक चली इस जांच ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्ष जहां इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, वहीं जांच एजेंसियों के कड़े रुख ने भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ा दी है।
जांच टीम ने छापेमारी के दौरान संदिग्ध दस्तावेजों और फाइलों की भारी गठरी बरामद की है। भ्रष्टाचार के इस बड़े खेल में शामिल रसूखदारों को बेनकाब करने के लिए सरकार का यह कदम बेहद आक्रामक और स्पष्ट है। छत्तीसगढ़ की जनता अब यह मांग कर रही है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इन सफेदपोश अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब कोई समझौता नहीं होगा। घोटाले के तार चाहे जितने भी ऊंचे रसूखदारों से जुड़े हों, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच कर ही दम लेंगे। देश में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा प्रहार अत्यंत आवश्यक था।



