बेलिज्यम की मस्जिद पर स्वस्तिक का निशान: यूरोप में फिर भड़का नस्लीय ज़हर, हिजाब और इस्लाम पर खुली जंग!

यूरोप के दिल कहे जाने वाले बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स से एक बेहद शर्मनाक और भड़काऊ खबर सामने आई है। ब्रुसेल्स के लाकेन (Laeken) इलाके में स्थित एक ऐतिहासिक मस्जिद की दीवारों पर नाजी चिन्ह ‘स्वस्तिक’ (Swastika) बनाकर उसे विकृत कर दिया गया। ब्रुसेल्स सरकार के मंत्रियों ने इसे सीधे तौर पर एक नफरती और ‘इस्लामोफोबिक’ कृत्य करार दिया है, जिससे पूरे यूरोप का मुस्लिम समुदाय गुस्से से सुलग उठा है।
यूरोप में दक्षिणपंथी कट्टरपंथियों का उभरता हुआ ग्राफ अब अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सीधा खतरा बन गया है। जर्मनी में AfD पार्टी द्वारा युवाओं को देश से खदेड़ने की मांगों और अब बेल्जियम में मस्जिदों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने साफ कर दिया है कि यूरोप में धार्मिक सहिष्णुता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। मस्जिद की दीवारों पर नाजी निशान बनाना सिर्फ एक तोड़फोड़ नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय को खुली हिंसा का पैगाम है।
यह घटना दर्शाती है कि ‘सभ्य’ कहलाने वाला यूरोप अब नफरत और नस्लवाद की भट्टी में जल रहा है। अगर पश्चिमी देशों के शासन ने इस तरह के नाजीवादी चरमपंथियों पर सख्त नकेल नहीं कसी, तो यह नफरत पूरे यूरोपीय महाद्वीप को गृहयुद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर देगी।



