ट्रंप की शह पर सऊदी को लगा गंदा झटका: अमेरिका ने हाथ खींचे, रियाद में पसरा सन्नाटा!

खुद को मध्य पूर्व का बेताज बादशाह समझने वाले सऊदी अरब की अकड़ को अमेरिका ने एक ही झटके में धूल में मिला दिया है। ईरान के चौतरफा हमलों से पस्त हो चुका सऊदी अरब अब इतिहास के अपने सबसे बुरे दौर (Worst-Case Scenario) से गुजर रहा है।
ईरानी समर्थित हमलों से सहमे रियाद ने वाशिंगटन से अतिरिक्त सैन्य सहायता की गुहार लगाई थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सऊदी की इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए उसे अपने हाल पर छोड़ दिया है। इस बेवफाई के बाद सऊदी अरब गहरे “रणनीतिक सदमे” में है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की इस बेरुखी ने पूरे गल्फ रीजन के पावर बैलेंस को हमेशा के लिए बिगाड़ कर रख दिया है। वहीं पेंटागन की एक नई लीक रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि पिछले छह महीनों के युद्ध में अमेरिका ने अपने ही हथियार भंडारों को खाली कर दिया है, जिसके चलते अब वह सऊदी को बचा पाने की स्थिति में ही नहीं है।
मित्रता का ढोंग रचाने वाले अमेरिका ने यह साबित कर दिया है कि जब असली जंग की नौबत आती है, तो वह अपने सबसे पुराने सहयोगियों की बलि देने से भी पीछे नहीं हटता।



