ब्राजील चुनाव में फिर बवाल: लूला दा सिल्वा को पटखनी देने उतरे बोल्सोनारो के बेटे फ्लैवियो, तख्तापलट की आहट!

दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील में सत्ता की महाजंग शुरू हो चुकी है। राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर की मतगणना में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लैवियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा को पछाड़कर शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। इस चौंकाने वाले नतीजे के बाद ब्राजील में राजनीतिक तापमान अपने चरम पर पहुंच गया है।
लूला दा सिल्वा की वामपंथी नीतियों से तंग आ चुकी ब्राजील की जनता अब कड़े फैसलों और दक्षिणपंथी बदलाव की तरफ रुख करती दिख रही है। दोनों दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर के बाद अब रन-ऑफ (दूसरे दौर के चुनाव) का रास्ता साफ हो गया है। पूरे देश में चुनावी हिंसा और हिंसक झड़पों की आशंका के चलते सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
ब्राजील में जारी इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत ब्रिक्स (BRICS) संगठन में एक मजबूत धुरी बनकर उभरा है। ब्राजील में सरकार चाहे जिसकी भी बने, भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति इतनी मजबूत है कि पश्चिमी या दक्षिण अमेरिकी देश भारत के हितों को नजरअंदाज करने का जोखिम कभी नहीं उठा सकते। वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा आज निर्विवाद सत्य बन चुका है।
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