रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में भारत की धाक: जयशंकर के बयान से बैकफुट पर आई पश्चिमी मीडिया!

वैश्विक कूटनीति में भारत का दबदबा अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहाँ दुनिया की महाशक्तियां भारत की मर्जी के बिना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकतीं। गूगल पर सुबह से ही विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान छाया हुआ है।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो टूक शब्दों में दुनिया को संदेश दिया है कि भारत केवल सलाह देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए सीधे मध्यस्थता कर रहा है। भारत अब काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, अनाज और ऊर्जा निर्यात से लेकर युद्ध-विराम की गोपनीय शर्तों पर दोनों देशों से सीधी बात कर रहा है। जो पश्चिमी देश भारत की तटस्थता पर उंगली उठाते थे, आज वही भारत के सामने हाथ जोड़कर शांति की भीख मांग रहे हैं। भारत ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हित से कोई समझौता किए बिना यह साबित कर दिया है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही वैश्विक शांति का एकमात्र सच्चा गारंटर है।
भारत की इस कूटनीतिक आक्रामकता ने पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये को नंगा कर दिया है।
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