Fourth Eye News

एक्सक्लूसिव खबरों का अड्डा

SIR वोटर लिस्ट विवाद: महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव आयोग पर फोड़ा बम, फॉर्म-6 की शर्त पर घमासान

maharashtra-voter-list-sir-controversy-election-commission-form-6

महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। आज सुबह महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को एक कड़ा पत्र जारी कर ‘फॉर्म-6’ प्रक्रिया की खामियों को तुरंत ठीक करने की मांग की है। विवाद की मुख्य वजह यह है कि जिन लोगों के नाम SIR प्रक्रिया में गलत तरीके से लिस्ट से हटा दिए गए थे, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ रहा है। इस फॉर्म में शर्त रखी गई है कि नागरिक को यह हलफनामा (शपथ) देना होगा कि वह एक “नया मतदाता” है।

इस तुगलकी फरमान पर राज्य की जनता और राजनीतिक दल आगबूला हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जो नागरिक पिछले 20-30 सालों से वोट डालते आ रहे हैं, वे प्रशासनिक गलती के कारण खुद को ‘नया मतदाता’ क्यों स्वीकार करें? विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि यह लोकतंत्र के खिलाफ एक गहरी साजिश है, जिसके जरिए एक खास वर्ग के नागरिकों के वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है। चुनाव आयोग की इस कार्यप्रणाली ने लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है और यदि इस नियम को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो यह मामला देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंचना तय है।

ये खबर भी पढ़ें —: