84 मासूम बच्चों को खिलाया कुत्ते का झूठा खाना! बिलासपुर हाईकोर्ट की ऐतिहासिक फटकार

मानवता को शर्मसार कर देने वाले एक बेहद घिनौने और संवेदनहीन मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) ने न्याय की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है! एक स्कूल में 84 मासूम स्कूली बच्चों को कुत्ते का झूठा खाना परोसने की खौफनाक करतूत सामने आई थी। इस अमानवीय कृत्य पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है और दोषियों पर प्रति बच्चा 25-25 हजार रुपये का जुर्माना एक महीने के भीतर देने का आदेश दिया है!
- घिनौना कृत्य: स्कूल में मासूम बच्चों को कुत्ते के संपर्क में आया अमानक और झूठा खाना परोसा गया था।
- प्रभावित बच्चे: कुल 84 मासूम बच्चे इस अमानवीय हरकत का शिकार हुए थे।
- हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: बिलासपुर हाईकोर्ट ने जिम्मेदार संस्था/दोषियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 1 महीने में हर्जाना भरने का फरमान सुनाया।
- प्रशासकीय सबक: राज्य के सभी स्कूलों और हॉस्टलों में मिड-डे मील व भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त हिदायत जारी।
नौनिहालों की जिंदगी और सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ करने की हिम्मत इन रसूखदारों में कहाँ से आती है? क्या मासूमों को झूठा खाना खिलाने वालों के खिलाफ सिर्फ आर्थिक जुर्माना काफी है या उन्हें जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए?
हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद क्या प्रदेश के बाकी स्कूलों में भोजन व्यवस्था दुरुस्त होगी, या मासूमों के हक पर डाका डालने वाले तंत्र की सोच वैसी ही रहेगी?
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