तेल कंपनियों का ‘खेल’ या जनता पर वार? अचानक पेट्रोल ₹5.30 महंगा, सरकार चुप!

27 मार्च 2026 को देशभर में ईंधन की कीमतों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया, जिसने आम जनता के बीच चिंता और नाराज़गी दोनों पैदा कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल की कीमत में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। इस फैसले ने खासतौर पर उन इलाकों में असर डाला जहां इस कंपनी के आउटलेट्स मौजूद हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर निजी कंपनी ने इतनी बड़ी बढ़ोतरी की, वहीं सरकारी तेल कंपनियों द्वारा तय किए गए दाम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में स्थिर रहे। इससे बाजार में असमानता की स्थिति पैदा हो गई है, जहां अलग-अलग पंपों पर अलग कीमतें देखने को मिल रही हैं।
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर बिहार जैसे राज्यों में देखने को मिल सकता है, जहां उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर महंगे ईंधन का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कीमतों में बदलाव से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पहले से ही महंगाई को लेकर जनता परेशान है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी कंपनियों को इस तरह कीमत बढ़ाने की खुली छूट है और क्या सरकार इस पर कोई नियंत्रण रखेगी।



