अमेरिका-इजरायल हमलों पर बड़ा दावा, 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत ने खड़ी की वैश्विक बहस

8 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 1,332 नागरिकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोग घायल भी हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ईरानी रेड क्रेसेंट सोसायटी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हमलों के कारण 180 से अधिक बच्चों की मौत हुई और देशभर में 20 से अधिक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बहस का विषय बन गया है। कई देशों और संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और संघर्ष को तुरंत रोकने की मांग की है।
इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ हमले पूरी ताकत और बिना किसी समझौते के जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरानी शासन को कमजोर करना और बदलाव की दिशा में दबाव बनाना है।
इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है और कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं संभली तो इसका असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।


