युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता, कृषि मंत्री नेताम ने बताया सहकारिता का महत्व

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने विद्यार्थियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। कृषि महाविद्यालय रायपुर के सेमिनार हॉल में भारतीय श्रम समिति नई दिल्ली, भारतीय गुणवत्ता परिषद और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने की सोच तक सीमित रहने के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से युवा मिलकर संसाधनों, तकनीक और बाजार का बेहतर उपयोग कर छोटे और मध्यम स्तर के उद्यम स्थापित कर सकते हैं। कृषि, दुग्ध उत्पादन, लघु वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में सहकारिता के जरिए रोजगार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार को सहकारिता से जोड़कर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से सहकारिता की भावना को समझने, टीम के रूप में काम करने और स्थानीय संसाधनों को स्थानीय रोजगार में बदलने का प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। प्रशिक्षण कार्यशाला में भारतीय श्रम समिति नई दिल्ली के अध्यक्ष लखन लाल साहू, जिला सहकारी बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष सौरभ शर्मा, जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह और सहकारी संघ नई दिल्ली के संचालक सदस्य शिव श्रीवास्तव ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में सहकारिता से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने सहकारिता, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



