अबूझमाड़ के जंगलों में खेती की नई क्रांति, 48 गांवों तक पहुंचा ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’

रायपुर। नारायणपुर और अबूझमाड़ के सुदूर वनांचलों में खेती को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा अभियान सफल रहा। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नारायणपुर और कृषि विभाग की संयुक्त पहल पर 5 मई से 20 मई 2026 तक “विकसित कृषि संकल्प अभियान” चलाया गया। इस दौरान जिले के 48 गांवों में विशेष कृषि शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और किसान चौपाल आयोजित किए गए।
अभियान के तहत किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी, उन्नत खेती, मिट्टी की उर्वरा क्षमता बनाए रखने और कम लागत वाली प्राकृतिक खेती की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने खेतों में पहुंचकर किसानों को जैविक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल उत्पादन बढ़ाने के तरीके समझाए। प्राकृतिक कीटनाशक जैसे नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और आग्नेयास्त्र बनाने की विधि भी बताई गई, ताकि किसान महंगे रसायनों पर निर्भर न रहें।
उद्यानिकी विशेषज्ञों ने फल, सब्जी और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीज चयन और वैल्यू एडिशन के जरिए आय बढ़ाने के उपाय साझा किए। वहीं कृषि विभाग ने एग्रीस्टैक, पीएम किसान सम्मान निधि और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी दी। पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों ने भी किसानों को अतिरिक्त आय के साधनों और सरकारी योजनाओं से जोड़ा।
15 दिनों तक चले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना रहा। नई तकनीकों, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित स्वरोजगार के जरिए अब नारायणपुर के किसान आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं।




