Balodabazar lab is at the forefront of the race for national standards - may soon get the country's first NQAS certificate

बलौदाबाजार की लैब राष्ट्रीय मानकों की दौड़ में सबसे आगे — जल्द मिल सकता है देश का पहला एनक्यूएएस सर्टिफिकेट

रायपुर। बलौदाबाजार जिला अस्पताल की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि की दहलीज पर खड़ी है। 11 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) की विशेषज्ञ टीम अस्पताल का निरीक्षण करने आ रही है। यदि यह लैब तय मानकों पर खरी उतरती है, तो यह देश की पहली एनक्यूएएस सर्टिफाइड सरकारी लैब बन जाएगी — जो छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे भारत के लिए एक मिसाल होगी।

इस महत्वपूर्ण मौके से पहले कलेक्टर दीपक सोनी ने खुद अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और पब्लिक सुविधाओं व स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि पहली बार इस लैब ने एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया है, और इसके लिए अस्पताल प्रबंधन दिन-रात व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटा है। वर्तमान में इस लैब में 103 प्रकार की जांचें की जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:

हिमेटोलॉजी: 16 टेस्ट

क्लिनिकल पैथोलॉजी: 14 टेस्ट

क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री: 30 टेस्ट

सिरोलॉजी: 8 टेस्ट

इम्युनोलॉजी: 28 टेस्ट

माइक्रोबायोलॉजी: 7 टेस्ट

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है। एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिलने से न केवल बलौदाबाजार जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ गर्व महसूस करेगा।

4rtheye web Desk
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