बिल 2025: कारोबार और जीवन को बनाए आसान, पीयूष गोयल का नया जन विश्वास बिल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार यानी 18 अगस्त को लोकसभा में “जन विश्वास बिल 2025” पेश किया, जिसका उद्देश्य देश के 10 मंत्रालयों से जुड़े 16 केंद्रीय कानूनों के 355 प्रावधानों में सुधार कर कारोबार और आम जीवन को सरल बनाना है। इस बिल में 288 प्रावधान व्यापारियों के लिए और 67 प्रावधान आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए हैं।
इन बदलावों से छोटी-छोटी गलतियों के लिए अब जेल जाने का डर खत्म होगा, क्योंकि कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा। इससे कारोबारियों और आम लोगों के शोषण की संभावना भी कम होगी।
प्रवर समिति को भेजा जाएगा बिल
लोकसभा अध्यक्ष ने इस बिल को जांच के लिए प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। समिति की रिपोर्ट संसद के अगले सत्र के पहले दिन प्रस्तुत की जाएगी। यह बिल 2023 में पेश जन विश्वास बिल का विस्तार है, जिसमें 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 कानूनों के 183 प्रावधान अपराध से बाहर किए गए थे।
प्रमुख बदलाव: एनडीएमसी और मोटर वाहन कानून
एनडीएमसी कानून 1994: प्रॉपर्टी टैक्स की गणना के लिए अब “रेटेबल वैल्यू” के बजाय “यूनिट एरिया प्रणाली” अपनाई जाएगी। एनडीएमसी के 40 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित हैं।
मोटर वाहन कानून 1988: वाहन पंजीयन किसी भी राज्य में कराया जा सकेगा, लाइसेंस की वैधता समाप्ति के 30 दिन बाद भी रिन्यू कराई जा सकेगी, और पहली गलती पर जेल की सजा खत्म की जाएगी। मोटर वाहन कानून के 20 प्रावधानों में बदलाव की संभावना है।