भाजपा का चुनावी खर्च दोगुना, 2024-25 में प्रचार पर 3,335 करोड़ रुपये खर्च

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2024-25 में चुनाव और सामान्य प्रचार पर कुल 3,335.36 करोड़ रुपये खर्च किए, जो 2019-20 के मुकाबले लगभग ढाई गुना ज्यादा है। इस अवधि में 18वीं लोकसभा और आठ राज्यों की विधानसभा चुनाव हुए।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार की शुरुआत वित्त वर्ष 2023-24 में ही हो गई थी और उस साल पार्टी ने 1,754.06 करोड़ रुपये खर्च किए। इस तरह, पिछले दो वर्षों में भाजपा का कुल चुनावी खर्च 5,089.42 करोड़ रुपये रहा, जो 2019 के दो साल के खर्च 2,145.31 करोड़ रुपये से दोगुना से भी अधिक है।
भाजपा की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट बताती है कि कुल खर्च का 88 प्रतिशत हिस्सा चुनावी प्रचार पर गया। विज्ञापन और प्रचार में कुल 2,257.05 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें 1,124.96 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 897.42 करोड़ विज्ञापनों पर खर्च हुए। पार्टी ने विमान और हेलीकॉप्टर यात्रा पर 583.08 करोड़ रुपये खर्च किए और उम्मीदवारों को 312.90 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिए।
कांग्रेस ने इसी अवधि में चुनाव प्रचार पर 896.22 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2023-24 में उनका खर्च 619.67 करोड़ था।
भाजपा की कुल आय भी बढ़कर 6,769.14 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें 6,124.85 करोड़ रुपये चंदे के रूप में आए। इलेक्टोरल बॉन्ड योजना खत्म होने के बावजूद दान में 54 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष के अंत में भाजपा के पास 12,164.14 करोड़ रुपये का क्लोज़िंग बैलेंस और 9,996.12 करोड़ नकद राशि थी।



