बॉलीवुड का फर्जी पीआर और गिरता ग्राफ: सलमान खान के गिरते वजन पर बवाल, 90 के दशक की यादों के सहारे टीआरपी बटोरने का भद्दा नाटक!

बॉलीवुड इंडस्ट्री इस समय अपनी रचनात्मक कंगाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। जब बड़े पर्दे पर ठोस कहानियों और दमदार अभिनय का अकाल पड़ा हो, तो पीआर एजेंसियां स्टार्स की निजी जिंदगी और पुरानी यादों का सौदा करने पर उतारू हो जाती हैं। पिछले 24 घंटों (04 अगस्त 2026) में बॉलीवुड गलियारों से आ रही खबरें किसी तमाशे से कम नहीं हैं। एक तरफ जहां भाईजान यानी सलमान खान के अचानक घटते वजन और गिरती सेहत को लेकर फैंस के बीच हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मीडिया और पीआर टीमें उनकी सेहत पर चिंता जताने के बजाय इस मुद्दे को भुनाने में जुटी हुई हैं। दर्शक सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर बॉलीवुड के ये तथाकथित सुपरस्टार कंटेंट के दम पर फिल्में हिट कराएंगे या सिर्फ अपनी बॉडी, जिम रील्स और पीआर ड्रामा के जरिए दर्शकों को बेवकूफ बनाते रहेंगे?
दूसरी ओर, 90 के दशक के ‘चॉकलेट बॉय’ जुगल हंसराज की रेखा की गोद में बैठी बचपन की एक पुरानी फोटो को अचानक आज सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराकर यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि बॉलीवुड में सब कितना महान था। शाहरुख़ और सलमान से तुलना करके नॉस्टैल्जिया का जो झूठा जाल बुना जा रहा है, वह असल में आज के बॉलीवुड की अंदरूनी सड़ांध और फ्लॉप होती फिल्मों को छुपाने की बचकानी कोशिश है। सच तो यह है कि आज का बॉलीवुड न तो कोई नई नजीर पेश कर पा रहा है और न ही जनता को थिएटर तक खींच पा रहा है।
दर्शकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। सोशल मीडिया पर लोग सीधे तौर पर सवाल दाग रहे हैं कि अगर एक्टर्स के पास दिखाने के लिए कोई बेहतरीन सिनेमा नहीं है, तो वे पीआर स्टंट के जरिए लोगों के दिमाग से खेलना बंद करें। सलमान खान के हेल्थ अपडेट से लेकर पुराने सितारों के पुराने फोटो-शूट्स तक, सब कुछ केवल क्लिकबैट और टीआरपी का गंदा खेल बनकर रह गया है। अब वक्त आ गया है कि फर्जी चमक-धमक और झूठी पीआर रेटिंग्स के बल पर चलने वाले इस बॉलीवुडिया ड्रामे का बहिष्कार किया जाए!


