CGPSC इंटरव्यू स्थगन विवाद: क्या धांधली दबाने के लिए अचानक टली परीक्षा?

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ गया है। 20 सितंबर से शुरू होने जा रहे राज्य सेवा परीक्षा के इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को आयोग ने ऐन वक्त पर ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देकर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
इस अचानक लिए गए फैसले ने प्रदेश के युवाओं और अभ्यर्थियों के बीच सरकार और आयोग की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विपक्ष ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया और शॉर्टलिस्टिंग में भारी गड़बड़ी व धांधली को छिपाने के लिए इंटरव्यू रोके गए हैं। विपक्ष ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन और असफल छात्रों के उत्तर-पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने की मांग की थी। जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों के तहत की गई पारदर्शी प्रक्रिया बताकर अपना बचाव कर रहा है। ऐन मौके पर इंटरव्यू स्थगित होने से हजारों युवाओं का भविष्य अब फिर अधर में लटक गया है।




