बनारस में 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर का एनकाउंटर: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पुलिस में ठनी!

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज तड़के उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की मुठभेड़ में झारखंड का 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर और TPC सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता मारा गया। झारखंड सरकार और एनआईए (NIA) को वर्षों से तलाश इस दुर्दांत नक्सली के अंत की खबर आते ही पूरे देश में हलचल मच गई।
हालांकि, एनकाउंटर की खबर फैलते ही गूगल पर ‘फर्जी एनकाउंटर’ और पुलिस कार्रवाई को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ यूपी पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कई अधिकार कार्यकर्ता और राजनीतिक दल इस पूरी मुठभेड़ की टाइमिंग और शैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि योगी सरकार एनकाउंटर के नाम पर कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही है और न्यायिक प्रक्रिया को बाईपास कर रही है।
नक्सलवाद के खात्मे की इस कहानी में एक तरफ जश्न का माहौल है, तो दूसरी तरफ इस बात पर तीखी रार जारी है कि क्या राज्य को कानून हाथ में लेने का अधिकार दिया जा सकता है।



