मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ल्ड एक्सपो 2025 में प्रदेश की गौरवगाथा दुनिया के सामने रखी

रायपुर। ओसाका (जापान) के वर्ल्ड एक्सपो 2025 में आज उस पल ने जन्म लिया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन में कदम रखा। यह सिर्फ एक भ्रमण नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा, उसकी संस्कृति, परंपरा और विकास की कहानी को विश्वमंच पर जीवंत करने का क्षण था।
पहले ही दिन 22,000 से अधिक दर्शकों की मौजूदगी इस बात की गवाही दे रही थी कि छत्तीसगढ़ की अनूठी सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय कला और आधुनिक पहल दुनिया को आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा,
“छत्तीसगढ़ आज सिर्फ परंपरा की बात नहीं करता, हम नवाचार, उद्योग और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी ठोस कदम रख रहे हैं। हमारी ताकत हमारी जड़ें हैं, और हमारा लक्ष्य – वैश्विक मंच पर पहचान।”
पैवेलियन में बस्तर आर्ट, लोकसंगीत, हस्तशिल्प, बांस उत्पाद, हर्बल वस्तुएं, बुनाई और पर्यटन स्थलों की शानदार झलक देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाएं और आर्थिक विकास के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
जापान समेत विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों ने न केवल पवेलियन की प्रशंसा की, बल्कि भविष्य में साझेदारी की संभावनाएं भी तलाशीं। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को खुले दिल से छत्तीसगढ़ के साथ जुड़ने और विकास की साझी यात्रा में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।
“वर्ल्ड एक्सपो जैसे मंच पर छत्तीसगढ़ की भागीदारी यह संकेत है कि हम भारत के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और संस्कृति के भी विश्वसनीय सहयोगी बन सकते हैं।”
मुख्यमंत्री साय का यह प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
छत्तीसगढ़ – जहां परंपरा मिलती है प्रगति से, और लोककला से निकलती है वैश्विक संभावना।