जनजातीय अंचलों में आयुर्वेद की दस्तक: कोरिया जिले में चल रही आयुष मोबाइल यूनिट की अनूठी पहल

रायपुर। जनवरी 2025 से कोरिया जिले में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत एक नई स्वास्थ्य सेवा की शुरुआत हुई है, जो दूर-दराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य का कारवां लेकर पहुँच रही है। आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट अब न सिर्फ बीमारियों का इलाज कर रही है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर भी प्रेरित कर रही है।
विशेष रूप से सोनहत विकासखंड के ग्राम रावतसरई, पत्थरगंवा, भर्रीडीह, कचोहर, वंशीपुर, खडगंवा, गंगापुर, कासाबहरा और इंदरपुर में हर शनिवार नियमित शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में आयुष चिकित्सक और आयुर्वेद फार्मासिस्ट निःशुल्क चिकित्सा परीक्षण कर औषधियाँ वितरित करते हैं।
इन सेवाओं के साथ, लोगों को योग, आयुर्वेद, संतुलित दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है — खासतौर पर बुजुर्गों के लिए ये शिविर वरदान साबित हो रहे हैं।
7 महीने में 1382 लोगों को मिला लाभ
जनवरी से जुलाई 2025 तक कुल 27 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1382 ग्रामीणों को आयुष पद्धति से उपचार मिला, और 485 लोगों का एनसीडी (गैर-संक्रामक रोग) परीक्षण भी किया गया। शिविरों में मौसमी बीमारियों की पहचान और योगाभ्यास के लाभों पर भी विशेष जानकारी दी गई।
‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत खास ध्यान जनजातीय परिवारों पर
प्रदेश शासन की मंशा अनुसार, ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत चिन्हित जनजातीय गांवों में आयुष मोबाइल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं विशेष रूप से जनजातीय परिवारों तक पहुंचाई जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, बैकुण्ठपुर विकासखंड के खंधौरा, बारी और गेजी ग्रामों तथा सोनहत विकासखंड के नवाटोला और बसेर में भी आयुष शिविर आयोजित कर लोगों को ये सेवाएं दी जा रही हैं।




