अमेरिकी प्रतिबंधों को ठेंगा: चाबहार पोर्ट पर भारत का कब्जा बरकरार, मध्य पूर्व की जंग में भी सुरक्षित रहेगा भारत का ट्रेड रूट!
चाबहार पोर्ट पर भारत का दबदबा

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही भयंकर सैन्य तनातनी और अमेरिकी प्रतिबंधों की नई लहर के बावजूद भारत ने अपने रणनीतिक प्रोजेक्ट ‘चाबहार बंदरगाह’ (Chabahar Port) पर अपनी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। पिछले 24 घंटों में भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारत ने चाबहार पोर्ट के संचालन और विस्तार कार्य को बिना किसी रुकावट के जारी रखने का फैसला किया है। अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों का चाबहार पोर्ट पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि भारत ने पहले ही इस परियोजना के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों से विशेष कूटनीतिक छूट हासिल कर रखी है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंचने का एक ऐसा बाईपास रूट है, जो पाकिस्तान को पूरी तरह दरकिनार करता है। ईरान में मचे घमासान के बीच भारत ने इस पोर्ट की सुरक्षा और कार्यप्रणाली को लेकर ईरानी अधिकारियों से सीधे संपर्क साधा है। भारत की इस आक्रामक और बेखौफ नीति ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारत अपने रणनीतिक और भू-राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। युद्ध के इस दौर में भी चाबहार के जरिए भारत का व्यापार सुरक्षित रहेगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह है। चीन जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के जरिए भारत को घेरने का सपना देख रहा था, भारत के इस कदम ने उसके उस सपने को पूरी तरह से मटियामेट कर दिया है।


