वाशिंगटन का सबसे बड़ा प्रहार: अमेरिका ने छीना ईरान का ‘ऑयल वीवर’, तेहरान को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की तैयारी!
ईरान और अमेरिका का टकराव

ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में की जा रही दादागिरी को कुचलने के लिए अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक परमाणु बम भी फोड़ दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान को तेल बेचने के लिए दी गई अस्थाई प्रतिबंध छूट (Sanctions Waiver) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी देश अब ईरान से कच्चा तेल खरीदेगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ेगा। अमेरिका की इस आक्रामक चाल ने ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले तेल निर्यात को पूरी तरह से लॉक कर दिया है।
वाशिंगटन के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में हड़कंप मच गया है। ईरान जो अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए चोरी-छिपे तेल बेचने की कोशिश कर रहा था, उसके सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान एक तरफ परमाणु समझौते पर बातचीत का नाटक करता है और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमले करवाता है। अमेरिका अब ईरान को किसी भी प्रकार की कूटनीतिक ढील देने के मूड में नहीं है। तेहरान ने इस फैसले को ‘आर्थिक आतंकवाद’ करार दिया है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों की सख्ती के आगे उसके पास छटपटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। इस आर्थिक नाकेबंदी से ईरान के भीतर हथियारों की फंडिंग और सैन्य ऑपरेशन्स पर भारी असर पड़ना तय है।




