Uncategorized

एशिया में अल नीनो का खतरा, खाद्यान्न उत्पादन पर संकट

एशिया के कई देशों में उभरते शक्तिशाली अल नीनो प्रभाव के कारण कृषि उत्पादन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्म और शुष्क परिस्थितियों के कारण धान, गेहूं और अन्य फसलों की बुवाई तथा उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के किसान पहले से ही वर्षा की कमी और बढ़ते तापमान का सामना कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में बुवाई में देरी हो रही है जबकि कुछ इलाकों में उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है।

वैश्विक बाजार में इसका असर दिखाई देने लगा है। गेहूं और चावल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहा तो खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है।

भारत के पास फिलहाल पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद हैं, लेकिन लंबे समय तक मौसम प्रतिकूल रहने पर निर्यात नीति में बदलाव संभव है। कृषि वैज्ञानिक लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button