वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग सख्त, बंगाल में 7 एईआरओ निलंबित करने के निर्देश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित लापरवाही और वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ के आरोपों पर भारतीय चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य सरकार को सात सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है, वे मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना और पश्चिमी मिदनापुर जिलों से जुड़े हैं। आयोग ने पाया कि इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
इससे पहले 14 फरवरी को आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के कार्यालय को दो ईआरओ और दो एईआरओ के खिलाफ 17 फरवरी तक एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में दिए गए आदेशों के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरती गई, जिसके चलते अब समयसीमा तय कर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
शनिवार शाम राज्य सचिवालय को भेजे गए नए संदेश में आयोग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ 17 फरवरी तक एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य बताया है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने बार-बार निर्देश के बाद भी कार्रवाई न होने को गंभीर माना और सख्ती दिखाने का फैसला किया।
दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों के चार अधिकारियों पर वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ के आरोप हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर आयोग ने निलंबन और आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।




