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लॉकडाउन में भी समूह की दीदियों को सब्जी उत्पादन के रूप में मिला रोजगार का बेहतर अवसर

वैश्विक महामारी कोरोना कॉल में हरी सब्जियों का उत्पादन महिला समूह के लिए एक बार फिर आजीविका संवर्धन का पर्याय बना है। कोरोना काल के लिए लगे लॉकडाउन में भी महिला समूह को सब्जी उत्पादन से नियमित आय का साधन प्राप्त होगा साथ ही जिले वासियों को जैविक और पौष्टिक सब्जियां मिल सकेगा, क्योंकि महिला समूह द्वारा जैविक खाद से सब्जियों का उत्पादन करती हैं।

विकासखंड बोड़ला के ग्राम राजानवागांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत संचालित भोरमदेव आजीविका परिसर में पांच महिला समूह द्वारा विभिन्न प्रकार की सब्जियां के लिए बीजो का रोपण किया गया है, जो कि अब बढ़ने की अवस्था में है। पिछले वर्षों से संचालित भोरमदेव आजीविका परिसर में महिला समूह द्वारा इस वर्ष भी गवारफली, भिंडी, लौकी, कद्दू, बरबट्टी, चिकनी तरोई, करेला एवं खीरा का फसल ले रही है।

5 महिला समहू के साथ 50 से अधिक महिलाओं को सीधे हो रहा लाभ।साईं राम महिला स्व सहायता समूह, भारत माता महिला स्व सहायता समूह, मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह, कुमकुम भाग्य महिला स्व सहायता समूह एवं महामाया महिला से सहायता समूह के द्वारा अपनी ओर से 35 सौ रुपए लगाते हुए सब्जियों के बीच का रोपण किया गया है जो कि अब बढ़ने की अवस्था में देखा जा सकता है। भोरमदेव आजीविका परिसर में महिला स्व सहायता समूह के विभिन्न गतिविधियों में से सब्जी उत्पादन एक प्रमुख कार्य रहा है।

जिससे ग्रामीण महिलाएं समूह के रूप में निरंतर लाभान्वित हो रही है, यही कारण है कि महिलाएं विगत कई वर्षों से समूह के साथ जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है और अपने घर परिवार को इस लॉकडौन के दौरान पूर्ण मदद कर रही हैं जिससे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य पूरा हो रहा है।समूह की दीदियों के निरंतर प्रयास से उन्हें हो रहा आर्थिक लाभः सीईओ विजय दयाराम

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के. ने बताया कि ग्राम राजानवागांव स्थित आजीविका परिसर में विभिन्न सब्जियों का उत्पादन गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी महिला समूह द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष कोरोना की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन में महिला समूह ने सब्जियां बेचकर लगभग एक लाख 40 हजार से ज्यादा की आमदनी अर्जित की थी जो समूह की महिलाओं के लिए सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाला था।

साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक सबल मिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। विजय दयाराम के. ने बताया कि इस वर्ष भी समहू ने मिलकर सात-आठ प्रकार की सब्जियां के बीज लगाएं है जो आने वाले दिनों में तैयार होकर सब्जी मंडियों में लोगों के लिए उपलब्ध होगा। जिसके उत्पादन से लेकर विक्रय करने तक का संपूर्ण कार्य बिहान की महिला स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा किया जाता है।

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