कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली लक्ष्मीन बाई की जिंदगी

रायपुर। हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि उसके सिर पर एक मजबूत छत हो, जहाँ परिवार बेफिक्री से रह सके। यही सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए हकीकत बन रहा है। इस योजना ने न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का घर दिया है, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता भी जोड़ी है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद के ग्राम अवरीद की लक्ष्मीन बाई की कहानी इसी बदलाव की मिसाल है। उनका पक्का मकान अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जिसे वे अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना मानती हैं। पहले उनका घर कच्चा था, बरसात में छत से पानी टपकता था और हर वक्त सांप, बिच्छू व बंदरों का डर बना रहता था। बारिश का मौसम उनके लिए हमेशा चिंता और परेशानी लेकर आता था।
पक्का घर मिलने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा सुकून आया है। अब न बारिश की चिंता है, न धूप की। मजबूत छत और सुरक्षित दीवारों ने परिवार को राहत, आत्मविश्वास और सम्मान दिया है। खेती मजदूरी पर निर्भर परिवार के लिए यह घर किसी वरदान से कम नहीं है। अब वे घर की चिंता छोड़कर बच्चों और परिवार के बेहतर भविष्य पर ध्यान दे पा रही हैं।
लक्ष्मीन बाई बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है और मुफ्त राशन से रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। इन योजनाओं ने उनके आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम किया है।




