जशपुर में ‘आरोग्य अभियान’ से बदली स्वास्थ्य तस्वीर, दूरस्थ इलाकों तक पहुंची बेहतर सुविधाएं

रायपुर। सुदूर वनांचल और अनुसूचित जिला जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और सुलभ बनाने के लिए चलाया जा रहा “आरोग्य जशपुर अभियान” अब एक मिसाल बनता नजर आ रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सुनियोजित रणनीति के जरिए सेवाओं में बड़ा सुधार किया है।
इस अभियान के तहत आम लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं, वहीं कई नवाचारों को राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है। कलेक्टर रोहित व्यास नियमित रूप से जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों में व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अभियान को गति दे रहे हैं।
स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन ने आपात स्थितियों में लोगों के लिए बड़ी राहत दी है। एक कॉल पर त्वरित सहायता, एम्बुलेंस ट्रैकिंग और फॉलोअप जैसी सुविधाओं से पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। वहीं, पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति तक पहुंच बनाने के लिए हेल्पडेस्क की पहल कारगर साबित हो रही है, जिससे हजारों मरीजों को इलाज और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिली है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए कॉल सेंटर के जरिए गर्भवती महिलाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे संस्थागत प्रसव और जोखिम प्रबंधन में सुधार हुआ है। सर्पदंश जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग से मृत्यु दर में कमी आई है।
इसके अलावा, रक्त उपलब्धता के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। नए अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज इस दिशा में बड़े कदम साबित हो रहे हैं।
आरोग्य जशपुर अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है।




