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FDTL नियमों की मार: इंडिगो–एयर इंडिया में पायलटों को लेकर ‘आसमान की जंग’

फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के सख़्त होने के बाद भारतीय एविएशन सेक्टर में अनुभवी पायलटों की किल्लत गहराती जा रही है। इसी कमी ने देश की दो दिग्गज एयरलाइंस—इंडिगो और एयर इंडिया—को आमने-सामने ला खड़ा किया है। दोनों कंपनियां न सिर्फ नए पायलटों की भर्ती में जुटी हैं, बल्कि अपने अनुभवी कैप्टन को रोकना भी सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा नियमों के चलते पायलटों की उपलब्धता सीमित हो गई है। हालात संभालने के लिए इंडिगो ने DGCA को भरोसा दिलाया है कि वह बड़े पैमाने पर भर्ती करेगी और जनवरी में ही करीब 100 नए पायलटों को टीम में शामिल करने की तैयारी है।

दूसरी ओर, एयर इंडिया ने भी कॉकपिट स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए वैकेंसी निकाली हैं, लेकिन असली सिरदर्द नई भर्ती नहीं बल्कि कैप्टन के लगातार इस्तीफे हैं। कई पायलट या तो घरेलू एयरलाइंस बदल रहे हैं या फिर बेहतर ऑफर के लिए विदेश का रुख कर रहे हैं।

स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि कैप्टन को बिना आवेदन किए ही कॉल आने लगे हैं। जॉइनिंग बोनस 50 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। सीनियर अधिकारियों का मानना है कि नए FDTL नियम लागू होते ही अनुभवी पायलटों की मांग और तेज़ होगी, जिससे एयरलाइंस के बीच ‘टैलेंट वॉर’ और भड़क सकती है।

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