भारत आज ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल: अमेरिका-नेतृत्व वाले ब्लॉक में प्रवेश से केन्द्रीय आपूर्ति सुरक्षा पर बड़ा विवाद

20 फरवरी 2026 को भारत औपचारिक रूप से अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल होने जा रहा है। यह गठबंधन खास तौर पर महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर केंद्रित है। ‘पैक्स सिलिका’ को कई विश्लेषकों ने चीन-प्रतिस्पर्धी ब्लॉक के रूप में देखा है, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीति में विवाद और उभार आया है।
सरकार का कहना है कि इससे भारत की टेक्नोलॉजी और कच्चे माल की निर्भरता कम होगी और समर्थन नेटवर्क मजबूत होगा, जबकि आलोचक इसे अमेरिका के प्रभाव में बढ़ोतरी और स्वतंत्र विदेश नीति के लिए खतरा बता रहे हैं। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने 15 से अधिक विरोधियों को हिरासत में लिया जिनके प्रदर्शन को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा।
विश्लेषकों के अनुसार, ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल होने को भारत की वैश्विक भूमिका और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, परन्तु इसके कारण चीन-संघर्ष की स्थिति और बढ़ सकती है। कई आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उच्च तकनीकी निवेश बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ भारत को रणनीतिक प्रतिबद्धताओं की भारी कीमत भी चुकानी पड़ सकती है।



