रूस में भारतीय मेडिकल छात्रों पर चाकू से हमला, AIMSA ने पीएम मोदी से मांगा तत्काल हस्तक्षेप

रूस के उफा शहर से भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में घुसकर किए गए चाकू हमले में चार भारतीय मेडिकल छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और उनके परिजनों में भय और बेचैनी का माहौल है।
घटना के बाद ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह रूसी प्रशासन से कूटनीतिक स्तर पर बात कर भारतीय छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 15 वर्षीय स्थानीय किशोर चाकू लेकर हॉस्टल में दाखिल हुआ और वहां मौजूद छात्रों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में कुल आठ लोग घायल हुए, जिनमें चार भारतीय छात्र और दो रूसी पुलिसकर्मी शामिल हैं। हमलावर ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर भी हमला किया और खुद भी घायल हो गया। फिलहाल आरोपी हिरासत में है और रूसी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
AIMSA का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ छात्रों की जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि उनकी गरिमा और मानसिक सुरक्षा पर भी असर डालती हैं। संगठन ने मांग की है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए और घायल छात्रों को बेहतर इलाज व न्याय मिले।
संगठन ने यह भी जोर दिया है कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। रूस लंबे समय से भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र रहा है, ऐसे में हॉस्टल के भीतर हुई यह चाकूबाजी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।




