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भीषण गर्मी का कहर या प्रशासन की नाकामी? 44°C के खतरे के बीच लोग झुलसने को मजबूर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 22 अप्रैल 2026 से एक बार फिर भीषण गर्मी की वापसी ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बिलासपुर, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे शहरों में भी पारा 41 से 43 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। यह अचानक बढ़ती गर्मी आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई थी, लेकिन यह राहत बेहद अस्थायी साबित हुई। अब आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि राज्य में लू और ‘वार्म नाइट’ की स्थिति बन सकती है, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलेगी।

इस भीषण गर्मी के पीछे उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण को प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन इसका असर समग्र मौसम पर नहीं पड़ा। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पानी ज्यादा पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इस बीच सवाल उठने लगे हैं कि हर साल आने वाली इस गर्मी से निपटने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या फिर आम जनता को हर बार ऐसे ही हालात झेलने होंगे।

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