ईरानी वार्ताकारों की हत्या की इजरायली साजिश बेनकाब, तेहरान बोला—’कैंसर’ को उखाड़ फेंकने तक जारी रहेगी जंग
इजराइल-ईरान संबंध

मध्य पूर्व (West Asia) में इजराइल और ईरान के बीच की दुश्मनी अब उस स्तर पर पहुंच चुकी है, जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में हुए एक सनसनीखेज खुलासे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है, जिसमें यह साफ हुआ है कि इजराइल ने पाकिस्तान और स्विट्जरलैंड में चल रही शांति वार्ताओं के दौरान ईरान के शीर्ष राजनयिकों और वार्ताकारों को जान से मारने का खूनी प्लान बनाया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने इस साजिश की पुष्टि करते हुए इजराइल को ‘इंटरनेशनल कैंसर’ करार दिया है और कहा है कि ईरानी कौम मौत से नहीं डरती।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई के जनाजे की प्रक्रिया चल रही है, जिनकी मौत फरवरी में इजरायली-अमेरिकी हवाई हमलों में हुई थी। इजराइल ने इस युद्ध में न केवल ईरान के नेतृत्व को खत्म करने की कोशिश की, बल्कि अब वह वार्ता की आड़ में भी पीठ पीछे छुरा घोंपने की फिराक में है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ जब वार्ता के लिए इस्लामाबाद गए थे, तो इजरायली खतरे के कारण उनके विमान को पाकिस्तानी फाइटर जेट्स की सुरक्षा में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कूटनीतिक समझौतों को ठेंगा दिखाते
हुए दक्षिणी लेबनान में अपनी सेनाओं को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी जारी रखे हुए हैं। इजरायली रक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही किसी भी ऐसी कूटनीति को नहीं मानेंगे जो इजराइल की सुरक्षा को खतरे में डालती हो। इजराइल का यह अड़ियल और आक्रामक रवैया साफ करता है कि वह पूरे मध्य पूर्व को राख के ढेर में तब्दील करने पर आमादा है। तेहरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संकल्प लिया है कि वह इजराइल के हर एक वार का जवाब दोगुनी ताकत से मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए देगा। दोनों देशों के बीच का यह बारूद कभी भी सुलग सकता है और इस बार का धमाका इजराइल के वजूद को ही संकट में डाल सकता है।



