भोपाल में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ का बेबाक अंदाज़ — किताब की तारीफ, हंसी-मजाक और तीखे संकेत

भोपाल में आयोजित एक खास साहित्यिक कार्यक्रम उस समय चर्चा में आ गया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑल इंडिया एग्जीक्यूटिव मेंबर मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ के विमोचन समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे।
धनखड़ ने मंच पर आते ही कार्यक्रम को गंभीरता के बजाय सहज संवाद और हल्के-फुल्के अंदाज़ में बदल दिया। पुस्तक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय और मंच पर बोलते समय उन्हें कोई झिझक नहीं, बल्कि गर्व महसूस हो रहा है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा—
“हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां सत्य से ज्यादा धारणा मायने रखती है… आप सच बोलते रहिए, लोग वही मानेंगे जो बनाया गया नैरेटिव बताएगा।”
किताब पर प्रतिक्रिया
धनखड़ ने पुस्तक को “भारत के गौरवशाली इतिहास का आईना और भविष्य की प्रेरणा” बताया। उन्होंने हंसते हुए अपनी भाषा शैली में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा—
“अब मैं अंग्रेजी में बोलूंगा… जो समझना ही नहीं चाहते, उन्हें उन्हीं की भाषा में समझाना पड़ेगा।”
लाइव मोमेंट्स और हंसी के ठहाके
कार्यक्रम के दौरान उनके सहयोगी उन्हें उड़ान का समय चलता रहने की याद दिलाते रहे। इस पर धनखड़ ने मुस्कुराकर कहा—
“मैं फ्लाइट पकड़ने की चिंता में अपने कर्तव्य से समझौता नहीं कर सकता।”
उनके इस वाक्य पर पूरा हॉल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।
RSS पर टिप्पणी
धनखड़ ने बिना नाम लिए तीखे शब्दों में कहा—
“RSS को बदनाम करने की कोशिश की गई, गांधी जी की हत्या से जोड़ा गया, लेकिन वक्त ने सच सामने ला दिया है।”
उन्होंने 2018 में प्रणब मुखर्जी की RSS यात्रा का ज़िक्र करते हुए बताया कि कैसे कथा-कहानियों से अधिक संस्थाएं सच्चाई को उजागर करती हैं।
इस्तीफे के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति
यह कार्यक्रम इसलिए भी खास रहा क्योंकि ये जगदीप धनखड़ की उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी।
उन्होंने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से अपना इस्तीफा दिया था।



