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जल जीवन मिशन 2.0 को मिली रफ्तार, छत्तीसगढ़ में हर घर जल की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को पूरा करने में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुआ यह समझौता नई गति देगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को और मजबूत करने के साथ जनभागीदारी पर भी विशेष फोकस रहेगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से ज्यादा ग्रामीण परिवारों यानी करीब 82.66 प्रतिशत घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को खास राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाएगी और जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर रहेगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण और योजनाओं के संचालन व रखरखाव को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस एमओयू के जरिए पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित होगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के जरिए प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाया जा सकेगा। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ “हर घर जल” के लक्ष्य के साथ सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नई मिसाल कायम करेगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन और जरूरी संरचनाओं के जरिए हर घर तक पानी पहुंचाने का रास्ता और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार दिए जाएंगे और वे इन संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगी। जिला प्रशासन पंचायतों के कार्यों की निगरानी करेगा और जरूरत पड़ने पर सहयोग भी देगा। उन्होंने कहा कि यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के साझा प्रयासों का नतीजा है, जिससे हर घर स्वच्छ और निर्बाध पानी पहुंचाने का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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