आखिरी ओवर का करिश्मा: रामकृष्ण घोष की गेंदों ने पलटा मैच, महाराष्ट्र ने गोवा को थ्रिलर में हराया

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में हर दिन नया रोमांच देखने को मिल रहा है, लेकिन महाराष्ट्र बनाम गोवा मुकाबला तो दिल थाम देने वाला साबित हुआ। जब लग रहा था कि गोवा जीत की दहलीज पर खड़ा है, तभी महाराष्ट्र के गेंदबाज रामकृष्ण घोष ने ऐसा जादू बिखेरा कि पूरा मैच ही पलट गया।
अंतिम ओवर में गोवा को जीत के लिए सिर्फ 6 रन चाहिए थे। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने गेंद रामकृष्ण घोष के हाथ में थमाई और इसके बाद मैदान पर इतिहास बन गया। घोष ने आखिरी ओवर मेडन डालकर न केवल गोवा के सपनों को तोड़ा, बल्कि महाराष्ट्र को 5 रन से यादगार जीत भी दिला दी।
यहीं कहानी खत्म नहीं हुई। पारी के 48वें ओवर में भी रामकृष्ण ने मेडन डालकर दबाव बना दिया था। तीन ओवर में महज 11 रन चाहिए थे, लेकिन गोवा की टीम इस दबाव से उबर नहीं सकी। नतीजा—49वें ओवर में किसी तरह 5 रन और आखिरी ओवर में फिर सन्नाटा।
रामकृष्ण घोष का स्पेल लिस्ट ए क्रिकेट में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने 10 ओवर में 35 रन देकर 1 विकेट लिया और दो मेडन ओवर डालकर मैच का रुख बदल दिया।
अब सवाल यह है कि क्या यही प्रदर्शन उन्हें आईपीएल में भी मौका दिलाएगा? चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे में शामिल रामकृष्ण घोष को अभी डेब्यू का इंतजार है, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह कारनामा सीएसके मैनेजमेंट का ध्यान जरूर खींचेगा।




